दही चुड़ा रेसिपी देख कर तैयार करें यह व्यंजन। यह व्यंजन को बिल्कुल कम समय में सरलता से तैयार किया जा सकता है। ग्रीष्म के मौसम में यह व्यंजन के सेवन से शरीर को गर्मी, लू इत्यादि से होने वाली तकलीफों से आराम मिलता है। यह व्यंजन हमारे हजम क्रिया और पाचन शक्ति को मजबूती प्रदान करता है। शरीर में पानी की आवश्यकता को पूर्ति करने में भी सक्षम है।
त्योहार, व्रत, लंगर, मंदिर के अनुष्ठान, इत्यादि, पर्व के लिए यह व्यंजन सम्पूर्ण उपयुक्त है। भारत देश में यह व्यंजन का सेवन सदियों से हो रहा है।
यह व्यंजन में पोहा, दही, केला, गुड़, घी, इत्यादि, होने से यह सम्पूर्ण पौष्टिक तथा सात्विक आहार है।
यह व्यंजन को तैयार करने के लिए निम्न में दिए हुए पद्धति अनुसरण करें;
| व्यंजन विधि/Cuisine | सात्विक शैली / भारतीय |
| भोजन चुनाव | शाकाहारी / मुख्य भोजन |
| सात्विक भोजन | हाँ |
| जैन व्यंजन: | हाँ |
| सामग्री तैयारी करने का समय | 5 Min |
| पकाने का समय/ कुकिंग टाइम | 5 Min |
| कुल समय | 10 min |
| अंश भाग / पोरशन | 2 व्यक्ति के लिए |
दही चुड़ा रेसिपी के लिए सामग्री | Ingredients
| दही | 300 gm |
| चुड़ा | 150 gm |
| गुड़ (कसा हुआ) | 80 gm / आवश्यकता अनुसार |
| केला | 2 केला / 300 gm |
| खजूर (बारीक कटा हुआ) | 1 tablespoon |
| किसमिस | 1 tablespoon |
| काजू | 10 काजूदाना |
| चेरी / टुटीफ्रूटी | 1 teaspoon |
| घी | 2 teaspoon |
विधि (प्रिपरेशन मेथड)

- पोहा को कटोरी से निकाल कर छलनी में रखें।
- ऊपर से पानी डालकर पोहा को धो लें। छलनी से पानी को झड़ जाने दें।
- अलग रखें।
- केले का छिलका निकाल दें।

- केले को काट लें। एक गहरी कटोरी में रखें।
- कटे हुए केले को महीन कर मसल दें।
- कटोरी में दही डालकर मिला दें।

- गुड़ डालकर मिला दें।
- पोहा को कटोरी में डालकर मिला दें।
- घी डालकर मिला दें।

- पोहा मिश्रण को मुलायम कर मिला दें।
- किसमिस, कटे हुए खजूर डालें।
- चेरी या टुटीफ्रूटी डालें।
- मिश्रण को मिला दें।
- स्वाद को परख लें। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त दही, केला, गुड़, इत्यादि मिलाकर स्वाद को संतुलित करें।

- व्यंजन तैयार है। ऊपर से काजू, टुटीफ्रूटी डालें।
- साधारण ताप मात्रा या फ्रिज में रख कर ठंडा परोसें।
टिप्स:
- यह व्यंजन को तैयार करने के लिए मोटे दाने वाला चुड़ा का उपयोग करें।
- पोहा को सूखे अवस्था में ठीक से झाड़ लें या बड़ी छलनी में रख कर धूल को निकाल दें।
- पोहा को छलनी में रखकर ही पानी से धोएं। पोहा को धोते वक्त हाथ से अधिक न मसलें। पोहा को अधिक भीगने या गलने न दें।
- गुड़ या शक्कर की आवश्यकता दही के खट्टापन पर निर्भर करती है।
- यह व्यंजन को तैयार करने के लिए पसंद अनुसार कोई भी मीठे और नरम फल का उपयोग किया जा सकता है। आम, अंगूर, सेब, अनार अधिक उपयुक्त होगा।











